सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग जीपीएम ने आर्थिक नाकेबंदी को लेकर दिया ज्ञापन

गौरेला पेंड्रा मरवाही- सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग गौरेला पेंड्रा मरवाही ने आर्थिक नाकेबंदी के विषय मे अनुविभागीय अधिकारी गौरेला को दिया ज्ञापन। 
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा लोक सेवा (अनुसूचित जन जाति/ जाति आरक्षण अधिनियम 2012 जिसमे आदिवासियों के लिए 32% आरक्षण प्रावधानित था उसको असंवैधानिक घोषित करने में निर्मित परिस्थिति को राज्य शासन द्वारा पर्याप्त संवेदनशीलता और गम्भीरता से नही लिया गया। आज की स्थिति में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए आरक्षण शून्य है शासन के सामान्य प्रशासन विभाग से कोई दिशा निर्देश जारी नही किया गया है, शासकीय नियुक्तियाँ और भर्तियां बाधित हो गई हैं, दिनांक 17/10/2012 के मंत्री परिषद की बैठक में किसी प्रभावी नीति या कार्यवाही की पहल का अभाव दिखता है महीने भर बीत जाने के बाद भी छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आदिवासी समुदाय के लिए तत्कालिक राहत का कोई उपाय भी नही किया गया है। इस संवैधानिक संकट के बीच सरकार किंकर्तव्यविमूढ़ है। आदिवासी समाज का युवा वर्ग शिक्षा और रोजगार के अवसर से पूर्णतया वंचित हो गया है।
माननीय हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के द्वारा दिये गए निर्णय में छत्तीसगढ़ के आदिवास बाहुल्य जिलों में भी स्थानीय भर्ती का आरक्षण शून्य कर दिया गया है, जिसके विरोध प्रदर्शन के लिए गौरेला ब्लॉक के कारीआम में दिनांक 15/11/2022 दिन- मंगलवार, समय- सुबह 11:00 बजे से शाम 5 बजे तक आर्थिक नाकेबंदी किया जाएगा, जिसमे मालवाहक वाहनों को रोका जाएगा। तेज कुमार मेश्राम जिला कार्यकारी अध्यक्ष युवा प्रभाग, व घनश्याम पोटटाम जिला संयुक्त सचिव युवा प्रभाग व अन्य साथी उपस्थित थे।